Posted by: rakholiya | April 15, 2013

हृदय रोग के लिए एक दिव्य औषधि


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हृदय रोग के लिए एक दिव्य औषधि

दिल की नाड़ियाँ बन्द होने पर अति लाभदायक
दिल की बन्द नाड़ियों को खोलने और बड़ी बिमारियों के लिए लाभदायक
दिल की नाड़ियों को खोलने के लिए
नींबू का रस – 1 कप
अदरक का रस – 1 कप
लहसुन का रस – 1 कप
सेब का रस – 1 कप
उपरोक्त सभी वस्तुओं को मिला कर आधा घंटा आग पर उबालें। जब तीन कप तक रह जाए, तब इस मिश्रण को ठण्डा होने दो। ठण्डा होने पर इसमें तीन कप शहद मिला दो और एक कांच की बोतल में डाल दो। हर रोज़ प्रात: नास्ता करने से आधा घंटा पहेले खाली पेट एक से दो चम्मच इस औषधि को लेने से बंद नाड़ियाँ खुल जाएंगी। इससे किसी भी एंजीओग्राफी या बाईपास की ज़रूरत नहीं है । प्रकृति की यह एक अदभुत चिकित्सा मोटापे को दूर करती है। कैंसर, दमा तथा अनेकों अन्य बीमारियों का यह एक चमत्कारी और सस्ता इलाज है। बड़े-बड़े डाक्टरों ने यह माना है कि लहसुन, सिरका और शहद कैंसर और जोड़ों का दर्द भी ठीक कर सकता है।संसार के प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों ने आश्चर्यजनक अध्ययन करके यह सिद्ध किया है कि चमत्कारी घरेलू नुस्खा, जिसकी एक दिन की लागत बहुत कम होती है, हर तरह की बीमारियों के लिए आरामदायक है। इस इलाज से बंद नाड़ियों, जोड़ों का दर्द, उच्च रक्तचाप ( हाई ब्लड प्रैशर), कैंसर की कुछ किस्मों, कैलेस्टरोल की अधिक मात्रा, सर्दी ज़ुकाम, बदहज़मी, सिर दर्द, दिल के रोग, रक्त प्रवाह की समस्या, बवासीर, बांझपन, नपुसंकता, दांत दर्द, मोटापा, अल्सर और बहुत सारी बीमारियाँ ठीक करने में सहायता मिलती है। जोड़ों के दर्द के रोगियों पर किए गये एक अध्ययन से पता चला है कि रोज़ाना सिरका और शहद की एक खुराक लेने से जोड़ों के दर्द 90 प्रतिशत तक कम हो जाते हैं। लंदन के एक प्रसिद्ध मोटापा शोध केंद्र के डाक्टरों ने यह सिद्ध किया है कि लह्सुन और सिरके की रोज़ाना एक खुराक लेने से मोटापे का नाश हो जाता है और भार भी कम हो जाता है। प्रसिद्ध ब्रिटिश मैडिकल कालेज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 30 ग्राम लहसुन और चार औंस मक्खन युक्त खाना खाने से कोलेस्ट्राल स्तर औसतन कम हो जाता है। एक अध्ययन से यह भी सिद्ध हुआ है कि लहसुन युक्त खाना खाने से मोटापे के खतरों से बचा जा सकता है। डाक्टर्स एसोसिएशन के General Practitioner ने नाबालिग़ रोगियों पर अध्ययन करके यह संकेत दिया है कि भोजन में लहसुन का इस्तेमाल Cholesterol और Viglisroid का बढा हुआ स्तर, जिसके कारण ह्रदय के रोगों का खतरा बढता है, सामान्य स्तर पर आ जाता है । नैशनल कैंसर केंद्र ने एक हज़ार लोगों पर लहसुन के इस्तेमाल के बाद यह पता लगाया है कि लहसुन से पेट के कैंसर के खतरे से मुक्ति मिलती है। राज्य विश्वविद्यालय, न्यूयार्क के डाक्टरों ने अध्ययन में यह खोज की है कि लह्सुन में से कई किस्म के गंधक के अंश निकलते हैं और सभी अंश बहुत असरदार दवाईयों का कार्य करते हैं। इसमें कोई शक नहीं कि लहसुन और अदरक का सेवन करने वाले लम्बी उम्र तक जीते हैं क्योंकि वे शरीर को नुकसान पहुँचाने वाले कीटाणुओं से हमारी रक्षा करते हैं।
खोज ने यह सिद्ध किया है कि लहसुन, सिरका और शहद कुदरत की अनमोल दवाईयाँ हैं। यह तीनों बलवर्धक वस्तुएँ हर जगह बहुत कम कीमत पर उपलब्ध हैं और एक दिन की खुराक की कीमत बहुत कम आती है। दवाई बनाने की विधि इस प्रकार है। एक प्याले में सेब का सिरका, एक कप शहद और छिले हुए लहसुन की आठ गाँठे मिलाओ। इन सबको तेज चलने वाली मिक्सी में डाल कर एक मिनट के लिए चला दो और घोल तैयार करो। इस मिश्रण को एक काँच की बोतल में डाल कर पाँच दिन के लिए फ्रिज में बन्द करके रखो। आम खुराक दो चम्मच पानी या अंगूर या फलों के रस में डाल कर नाश्ते से पहले लो।

इस औषधि का सेवन यदि कोई भी व्यक्ति, तीस वर्ष की आयु के उपरान्त करता है, तो उसको हृदय रोग, कैलोस्ट्रोल बढ़ने और खून के थक्के होने की सम्भावना ना के बराबर हो जाएगी…
आशा है की आप इसको ज्यादा से ज्यादा लोगो को बता कर, मानव-धर्म का पालन करेंगे !…..


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